योग शिक्षा शिविर - नागदंडी काश्मीर
योग का अभ्यास और सैद्धांतिक ज्ञान: योग के प्रात्यक्षिक सत्रों में शिविरार्थियों को शिथिलीकरण व्यायाम, सूर्यनमस्कार और विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया। प्राणायाम के सत्रों में प्राणायाम के एक व्यवस्थित क्रम में प्रशिक्षित किया गया। बौद्धिक सत्रों में योग की संकल्पना, राजयोग, ज्ञानयोग, भक्तियोग, कर्मयोग, भगवद गीता, साधना और भारतीय संस्कृति जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
कश्मीर की संस्कृति और विवेकानंद का दर्शन: शिविरार्थियों को कश्मीर की संस्कृति और स्वामी विवेकानंद के दर्शन से भी परिचित कराया गया। कश्मीर परिचय, स्वामी विवेकानंद एवं कथा शिला स्मारक जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए गए।गीत, भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम: शिविर के दौरान शांति मंत्र, ऐक्य मंत्र, प्रातः स्मरण प्रार्थना, भगवद गीता के श्लोक और शिविर गीत जैसे विभिन्न पाठों का अभ्यास किया गया। दैनिक भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने शिविर के वातावरण को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बनाए रखा।
कश्मीर दर्शन और समापन: 1 जुलाई को शिविरार्थियों ने कश्मीर के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण किया, जिसमें दकसुम, वेरीनाग, वितस्ता उद्गम स्थल, कोकरनाग गार्डन और मार्तंड मंदिर शामिल थे। शिविर का समापन एक अनुकूल और आध्यात्मिक वातावरण में हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने विवेकानंद केंद्र की गतिविधियों में समाज सेवा के लिए अपनी ऊर्जा समर्पित करने की इच्छा व्यक्त की।
राष्ट्रीय स्तर के योग शिविर, योग प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम (Certificate Course) और आध्यात्मिक शिविर (Spiritual Retreat) की जानकारी https://vrmvk.org/camps पर उपलब्ध है।



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